शमशान के लिए तरस रही सहरिया बस्ती, खेत में हो रहा अंतिम संस्कार
गुना। दयालवाणी
जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत भुलॉंय के चक-भुलॉंय में सहरिया बस्ती के लोग पक्के शमशान की सुविधा नहीं होने से परेशान हैं। बारिश के मौसम में ग्रामीणों को खेतों से होकर शव ले जाने और खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करने की मजबूरी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में शमशान के लिए जगह बनाई गई थी, लेकिन देवस्थान के पास होने के कारण वहां अंतिम संस्कार करना संभव नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक बस्ती के आसपास पर्याप्त शासकीय भूमि है, लेकिन उस पर दबंगों का कब्जा बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासकीय भूमि उपलब्ध कराई जाए तो वहां पक्का शमशान बनाया जा सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पिछले मंगलवार जनसुनवाई में आवेदन दिया गया था। इससे पहले भी कलेक्टर को समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
पिछले दो दिनों में बस्ती में दो लोगों की अकस्मात मौत के बाद अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को बारिश के बीच काफी परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द शमशान भूमि उपलब्ध कराने, अतिक्रमण की जांच कराने और पक्का शमशान बनवाने की मांग की है।