जिलाधिकारी ने जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, मरीजों से लिया व्यवस्थाओं का फीडबैक
बाहर की दवाइयां लिखने पर रोक, तीमारदारों से स्ट्रेचर न खिंचवाने के निर्देश; टीकाकरण के बाद बच्चे की मौत की शिकायत पर जांच के आदेश
हमीरपुर।दयालवाणी |पुष्पेंद्र सिंह
जिलाधिकारी अशोक कुमार ने शुक्रवार को जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं, साफ-सफाई और अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न वार्डों और चिकित्सा इकाइयों का भ्रमण कर मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत की और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया।
जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर की जांच कर चिकित्सकों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
अस्पताल की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एक्स-रे यूनिट, सीटी स्कैन, ऑर्थोपेडिक्स, पैथोलॉजी, ब्लड कलेक्शन लैब, ब्लड बैंक, एनआरसी, आयुष्मान केंद्र, टीबी वार्ड, फिजियोथेरेपी यूनिट, नई डायलिसिस यूनिट और परामर्श कक्ष समेत कई इकाइयों का निरीक्षण किया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक यूनिट में उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। ब्लड बैंक के निरीक्षण में वर्तमान में 26 यूनिट ब्लड उपलब्ध पाया गया।
मरीजों को मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के निर्देश
अस्पताल की किचन का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भर्ती मरीजों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही भोजन तैयार करने में केवल ब्रांडेड और पैक्ड तेल का इस्तेमाल करने तथा खुले तेल के उपयोग पर पूरी तरह रोक रखने के निर्देश दिए।
बाहर की दवाइयां लिखने पर रोक
दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अस्पताल में उपलब्ध दवाइयां मरीजों को अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने अनावश्यक रूप से मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखने से बचने के निर्देश दिए।
औषधि भंडार केंद्र के निरीक्षण में रेबीज और सर्पदंश के पर्याप्त टीके उपलब्ध पाए गए। जिलाधिकारी ने मरीजों के रेफरल को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल अति गंभीर और क्रिटिकल मामलों में ही मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया जाए। सामान्य और उपचार योग्य मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए।
तीमारदारों से स्ट्रेचर खिंचवाने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान तीमारदारों द्वारा स्वयं स्ट्रेचर खींचे जाने की शिकायत सामने आने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीज को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर से ले जाने की जिम्मेदारी संबंधित वार्ड ब्वाय की होगी। किसी भी स्थिति में तीमारदारों से यह कार्य न कराया जाए।
आयुष्मान मरीजों को मिले योजना का पूरा लाभ
आयुष्मान केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों को योजना के तहत अनुमन्य सभी सुविधाओं का लाभ मिले। उन्होंने मरीजों के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार को रोकने और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
68 बेड स्वीकृत, मरीजों की संख्या को देखते हुए 92 बेड की व्यवस्था
सीएमएस डॉ. आर.एस. प्रजापति ने जिलाधिकारी को बताया कि जिला अस्पताल में 68 बेड स्वीकृत हैं, लेकिन मरीजों की संख्या को देखते हुए 24 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कर कुल 92 बेड के स्तर पर अस्पताल संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में भर्ती अधिकांश मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं और करीब 7 से 8 दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं।
टीकाकरण के बाद बच्चे की मौत की शिकायत, जांच के आदेश
निरीक्षण के दौरान एक तीमारदार ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि टीकाकरण के बाद उसके बच्चे की मृत्यु हो गई। तीमारदार ने यह भी आरोप लगाया कि उसे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा देने के बजाय पर्चा बनवाने के लिए भेजा गया।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साफ-सफाई और अस्पताल प्रबंधन में सुधार के निर्देश
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई, वार्डों में बेडशीट की स्वच्छता और समग्र प्रबंधन में अभी और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने सीएमओ और सीएमएस को अस्पताल की व्यवस्थाओं को और व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि अस्पताल में सर्जन की कमी के कारण कुछ मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। सर्जन की व्यवस्था के लिए शासन स्तर पर वार्ता कर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अलका शुक्ला, सीएमएस पुरुष अस्पताल डॉ. आर.एस. प्रजापति, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ. राजीव कुमार, जिला सूचना अधिकारी सतीश कुमार सहित चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सा स्टाफ मौजूद रहा।