बिजली कंपनी के उप मुख्य महा प्रबंधक ने किया गुना में बड़ा दावा
स्मार्ट मीटर ने 6 महीने में उपभोक्ताओं को दिलाई 85 लाख की छूट
गुना।दयालवाणी
जिले में बिजली उपभोक्ताओं को आधुनिक तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था से जोड़ने के लिए बिजली कंपनी द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्मार्ट मीटर के फायदों और जिले में नए मीटर लगाने की अब तक की प्रगति की जानकारी देने के लिए बिजली कंपनी के अधिकारियों ने गुना दफ्तर में एक विशेष मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला के दौरान संपर्क अभियान 2026, सोलर रूफटॉप और विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम जैसे अहम विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि गुना जिले में अब तक कुल 31 हजार 496 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जैसे-जैसे जिले में स्मार्ट मीटरों का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे उपभोक्ताओं को इसके आर्थिक फायदे भी मिलने लगे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, नए मीटर लगने के बाद से मात्र 6 महीने की अवधि में ही उपभोक्ताओं को 'टाइम ऑफ़ डे 'के तहत कुल 85 लाख 77 हजार रुपए की शानदार छूट प्राप्त हुई है। बिजली कंपनी के उप मुख्य महाप्रबंधक (स्मार्ट मीटर सेल ) सी के पवार ने कार्यशाला में उपभोक्ताओं को सोलर आवर के दौरान बिजली का उपयोग करने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया। कंपनी के नियमों के अनुसार, घरेलू, गैर-घरेलू, सार्वजनिक जल कार्य, स्ट्रीट लाइट और निम्न दाब औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक के समय को सोलर आवर घोषित किया गया है।
ऐसे मिल रही है रियायत
इस तय अवधि के दौरान बिजली का उपयोग करने पर 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड वाले उपभोक्ताओं को सामान्य बिजली दरों पर 20 प्रतिशत की सीधी छूट दी जा रही है। एमडी ऋषि गर्ग ने जिले के सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्मार्ट मीटर के इन तमाम फायदों का पूरा लाभ उठाएं।
उपभोक्ताओं के लिए बढ़ी सुविधाएं
बिजली कंपनी ने समस्याओं के त्वरित निराकरण और बेहतर सेवाओं के लिए अपने कॉल सेंटर का विस्तार किया है। अब उपभोक्ता पारंपरिक टोल-फ्री नंबर 1912 के साथ-साथ नया हेल्पलाइन नंबर: 0755-4314165, डिजिटल प्लेटफॉर्म उपाय ऐप, चैटबॉट और आधिकारिक उपभोक्ता पोर्टल से भी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। कार्यशाला में अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर के तकनीकी लाभों को गिनाते हुए कहा कि इससे न केवल सटीक रीडिंग की समस्या दूर होती है, बल्कि उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर नियंत्रण रखने में भी बड़ी मदद मिलती है।