यह गौशाला है या बकरी खाना?
भदौरा में गोवंश की दुर्दशा पर फूटा गौ सेवकों का गुस्सा, मृत गाय के शव में पड़े कीड़े
गुना।दयालवाणी
जिले की भदौरा पंचायत में संचालित सरकारी गौशाला इन दिनों कुप्रबंधन और जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही का केंद्र बन गई है। यहां गोवंश की सुध लेने वाला कोई नहीं है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि गौशाला के भीतर गायों की जगह बकरियों की खातिरदारी हो रही है। इस अमानवीय स्थिति को देखकर मौके पर पहुंचे गौ सेवकों का गुस्सा फूट पड़ा।
21 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजे जब गौ सेवक औचक निरीक्षण के लिए गौशाला पहुंचे, तो वहां का मंजर बेहद दर्दनाक था। गौशाला में मौजूद कई गायें भूख और बदहाली से तड़पती नजर आईं। हद तो तब हो गई जब परिसर में ही एक मृत गाय का शव खुले में पड़ा मिला, जिस पर किसी की नजर तक नहीं पड़ी। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी थी कि मृतक गोवंश के शव में कीड़े तक पड़ चुके थे, जो व्यवस्थाओं के दावों की पोल खोल रहा था। गौ सेवकों ने आरोप लगाया कि कागजों में भले ही यह गोवंश के संरक्षण के लिए संचालित गौशाला हो, लेकिन हकीकत में यहां गायों की भारी अनदेखी हो रही है। इसके विपरीत, गौशाला के अंदर बकरियों को सुरक्षित बांधकर उनकी विशेष देखभाल और सेवा की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों और गौ सेवकों में भारी आक्रोश है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अमला मौके पर पहुंचा और गौशाला की बदहाल व्यवस्थाओं व गायों की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने पूरे मामले को जांच के दायरे में ले लिया है, अब यह देखना अहम होगा कि गोवंश की इस दुर्दशा और लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर क्या सख्त कार्रवाई की जाती है।