आफत बनी बारिश, 24 घंटों में 116 मिलीमीटर बरसे बदरा
प्रशासन ने जारी किया 48 घंटों का अलर्ट, गोपीकृष्ण सागर बांध के दो गेट खोले गए
गुना। दयालवाणी
जिले में मानसून ने एक बार फिर अपना विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर जिला मुख्यालय पर 116 मिलीमीटर मूसलाधार बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस ताजा और भारी बारिश के साथ ही जिले में अब तक के औसत की 81.6 प्रतिशत (859.4 मिमी) बारिश पूरी हो चुकी है, जबकि जिले की कुल औसत वर्षा का कोटा 1053 मिमी है। मौसम के इस तल्ख और आक्रामक रुख को देखते हुए जिला प्रशासन ने आगामी 48 घंटों के लिए पूरे जिले में भारी बारिश का अलर्ट बरकरार रखा है और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, पूरे जिले में लगातार वर्षा का दौर जारी है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो मक्सूदनगढ़ 1327 मिमी कुल वर्षा के साथ जिले में सबसे आगे बना हुआ है। वहीं कुंभराज में 1092 मिमी, चांचौड़ा में 907 मिमी, राघौगढ़ में 780 मिमी, आरोन में 693 मिमी, गुना में 672 मिमी और बमोरी में 547 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम में आए इस अचानक और बड़े बदलाव के चलते जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता और सावधानी बरतने की सख्त अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों को ताकीद की है कि जब तक बेहद जरूरी न हो, अनावश्यक आवागमन से बचें। उफान पर आए नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनती रपटों व पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम बिलकुल न उठाएं। इसके साथ ही जर्जर भवनों, ढही दीवारों तथा बिजली के ढीले तारों व खंभों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
आपातकालीन हालात के लिए नम्बर जारी
आपातकालीन स्थिति, मकान गिरने, जलभराव या अन्य किसी भी हादसे की सूचना तुरंत देने के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन और आपातकालीन नंबर भी जारी किए हैं। नागरिक जिला कंट्रोल रूम (07542 250415), नगरपालिका कंट्रोल रूम (9754507311, 9039815644, 7697252077) तथा होमगार्ड कंट्रोल रूम (07542252266, 9425762487) के आपातकालीन नंबरों पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों का कलेक्टर-एसपी ने किया निरीक्षण
अतिवृष्टि की गंभीर स्थिति को देखते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने शुक्रवार को शहर और आसपास के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का खुद मैदान में उतरकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सिंगवासा तालाब, नानाखेड़ी पुल, मणिधारी गार्डन के सामने की पुलिया, दो खंभा क्षेत्र, भुजरिया तालाब और गोपीकृष्ण सागर बांध पहुंचकर जलस्तर एवं जलभराव का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आमजन को जलस्रोतों व उफनती पुलियों से दूर रहने की समझाइश दी और मातहत अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरूआत सिंगवासा तालाब से हुई, जहां अधिकारियों ने लोगों को जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की हिदायत दी। इसके बाद नानाखेड़ी पुलिया और संवेदनशील इलाकों का दौरा कर नगरीय प्रशासन को साफ-सफाई और जल निकासी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। मारुति शोरूम होते हुए वरिष्ठ अधिकारी गोपीकृष्ण सागर बांध पहुंचे।
गोपीकृष्ण बांध से छोड़ा गया 164 क्यूमेक्स पानी
गोपीकृष्ण सागर बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार पानी की आवक बढ़ने के कारण जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बांध के गेट खोले गए हैं। वर्तमान में गेट क्रमांक-2 को 0.50 मीटर और गेट क्रमांक-3 को 1.00 मीटर खोलकर कुल 164.44 क्यूमेक्स पानी निष्कासित किया जा रहा है। इसके चलते रूठियाई क्षेत्र में चोपट नदी के किनारे बसे गांवों—रूठियाई, अजरोड़ा, ब्रसंगपुरा (बुद्धापुरा), दावतपुरा, बालाभेंट, कोटरा और भुलाय के ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है और अपने मवेशियों को नदी तट से दूर रखने को कहा गया है।
नागरिकों से की सतर्क रहने की अपील
कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक तेज बारिश का दौर जारी है, तब तक बांध क्षेत्र में नागरिकों की आवाजाही, पिकनिक और बोटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। पर्यटकों को रोकने के लिए आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग और गेट लगाकर अनधिकृत प्रवेश बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल, जर्जर सड़कों से बढ़ी परेशानी
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शहर की जर्जर सड़कों की वास्तविक स्थिति खुलकर सामने आ गई है। बारिश का पानी भर जाने से शहर के प्रमुख मार्गों की हालत खस्ताहाल हो चुकी है। विशेष रूप से हनुमान चौराहे सहित शहर की मुख्य सड़कों पर बने बड़े और गहरे गड्ढों ने राहगीरों व वाहन चालकों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। गड्ढों में पानी भरा होने के कारण वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हर समय हादसों और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने जलभराव से मुक्ति और सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की है।