अफसर पहुंचे चौपाल, मौके पर ही निपट गए झंझट

एक ही छत के नीचे बने आयुष्मान और आधार कार्ड, जमीन के नामांतरण से लेकर पेंशन तक की अड़चनें हुईं दूर

अफसर पहुंचे चौपाल, मौके पर ही निपट गए झंझट

गुना।दयालवाणी

 जब गाँव की चौपाल पर ही जिले का पूरा प्रशासनिक अमला उतर आए और कागजों में उलझी अड़चनों का समाधान सेकंडों में होने लगे, तो ग्रामीणों के चेहरे पर मुस्कान आना लाजमी है। कुछ ऐसा ही नजारा शुक्रवार को बमोरी के जनपद पंचायत परिसर में देखने को मिला, जहाँ आयोजित ह्यमुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविरह्ण ने आमजन के बीच प्रशासनिक भरोसे की नई मिसाल पेश की। दफ़्तरों के चक्कर काटने से परेशान ग्रामीणों को नामांतरण, जाति, मूल निवासी प्रमाण-पत्र, पात्रता पर्ची, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसी अहम नागरिक सुविधाएं एक ही स्थान पर और हाथों-हाथ उपलब्ध कराई गईं।
शिविर का आगाज बेटियों के सम्मान में कन्या पूजन के साथ हुआ। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने औपचारिकता से परे हटकर सीधे जनता के बीच पहुँचकर उनके सुख-दुख और समस्याओं को सुना। मंच से निर्देश देने के बजाय अफसरों ने एक-एक फरियादी के पास जाकर उसके आवेदन को देखा और संबंधित विभाग के अधिकारियों को बुलाकर मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू कराई। जिन पेचीदा मामलों में तुरंत फैसला संभव नहीं था, उनके लिए समयसीमा तय कर जिÞम्मेदारों को सख्त हिदायत दी गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ और जनपद अध्यक्ष गायत्री भील सहित पुलिस अधीक्षक हितिका वासल और कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। एक ही छत के नीचे समस्याओं के निराकरण और सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण से ग्रामीणों में यह स्पष्ट संदेश गया कि जब नीयत साफ और प्रशासन मुस्तैद हो, तो जन-समस्याओं का समाधान चौपाल पर ही संभव है।

विकसित भारत, विकसित गुना और विकसित प्रदेश का मंत्र
शिविर के दौरान आमजन से सीधा संवाद साधते हुए संभाग आयुक्त मनोज खत्री ने जिला स्तरीय अधिकारियों का जनता से परिचय कराया और फरियादियों को संबंधित अफसरों की मेज तक पहुँचाकर उनकी बात को सुनाया। वहीं कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने ग्रामीणों में नई ऊर्जा भरते हुए कहा कि 'विकसित भारत' की बुनियाद 'विकसित गुना' और 'विकसित मध्य प्रदेश' से ही होकर गुजरती है। उन्होंने बमोरी के जुझारू किसानों को रासायनिक खादों के चक्रव्यूह से निकलकर प्राकृतिक खेती अपनाने का मंत्र दिया और इसके दूरगामी फायदों से रूबरू कराया।

उद्यम संवाद ने उद्यमियों में भरा जोश
शिविर का एक और सबसे आकर्षक पहलू रहा 'उद्यम संवाद', जिसने बमोरी के युवाओं और छोटे उद्यमियों में नया जोश भर दिया। इसमें गाँव-देहात के स्थानीय वेल्डर, पेंटर, हस्तशिल्पी और नए स्टार्टअप शुरू करने वाले महत्वाकांक्षी युवाओं ने हिस्सा लिया। अफसरों ने इन स्वरोजगारियों के अनुभवों को ध्यान से सुना, उनकी व्यापारिक समस्याओं को समझा और सरकारी ऋण व प्रशिक्षण योजनाओं का लाभ दिलाकर उनके कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरोसा दिलाया। कई लाभार्थियों ने खुले मंच से स्वीकारा कि शासन की योजनाओं से मिली मदद ने उनकी जिÞंदगी की दिशा ही बदल दी है।