ई-टोकन की भूलभुलैया पर फूटा किसानों का गुस्सा
बाघेरी में 5 घंटों तक चक्काजाम, विधायक भी सड़क पर बैठे
गुना। दयालवाणी
जिले में खाद की किल्लत और आॅनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामियों से परेशान किसानों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। बाघेरी डबल लॉक वितरण केंद्र के सामने किसानों ने गुना-बमौरी मुख्य मार्ग पर जोरदार चक्काजाम कर दिया। करीब 5 घंटे तक चले इस हंगामे के कारण आवागमन पूरी तरह ठप रहा। जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों के साथ-साथ आपातकालीन वाहन और एंबुलेंस भी जाम में फंस गए, जिससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम की सूचना मिलते ही बमौरी विधायक इंजी. ऋषि अग्रवाल तुरंत मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनकर उनके साथ धरने पर सड़क पर बैठ गए। जैसे ही प्रशासन को विधायक के सड़क पर बैठने की खबर मिली, प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। इसके बाद बमौरी थाना प्रभारी, उमरी चौकी पुलिस बल, तहसीलदार, कृषि विभाग के अधिकारी और जिला विपणन अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
8 दिन से टोकन के लिए संघर्ष कर रहे हैं किसान
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अधिकारियों को बताया कि वे पिछले 8 दिनों से खाद के लिए ई-टोकन बुक करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वेबसाइट या तो चलती ही नहीं है या फिर कुछ ही मिनटों में कोटा पूरा होने का संदेश आ जाता है। किसानों का आरोप है कि जानबूझकर तकनीकी खामियां पैदा की जा रही हैं ताकि उन्हें खाद न मिल सके और बाजार में कालाबाजारी को बढ़ावा मिले। किसानों ने सवाल उठाया कि जब उन्हें खाद नहीं मिल रही है, तो दुकानों पर खाद कहां से बिक रहा है?
विधायक ने उठाई स्थानीय स्तर पर खाद वितरण की मांग
मौके पर पहुंचे विधायक ऋषि अग्रवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने खाद वितरण प्रणाली की कमियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि किसानों को टोकन बुक करने के लिए सुबह-सुबह मोबाइल और आॅनलाइन सेंटरों पर घंटों बैठना पड़ता है, लेकिन पोर्टल काम न करने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। विधायक ने कड़े शब्दों में मांग की कि किसानों को उनके क्षेत्र के ही डबल लॉक केंद्र पर खाद उपलब्ध कराई जाए, न कि उन्हें दूर-दराज के अन्य केंद्रों पर भेजकर परेशान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे विधानसभा में इस मुद्दे को उठाएंगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
आश्वासन के बाद खुला जाम
लंबी चर्चा और अधिकारियों द्वारा ई-टोकन प्रणाली की तकनीकी खामियों को जल्द दूर करने, व्यवस्था में पारदर्शिता लाने तथा खाद की कालाबाजारी रोकने के कड़े आश्वासनों के बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ। इस प्रकार दोपहर बाद शुरू हुआ यह गतिरोध शाम 4 बजे जाकर समाप्त हुआ और जाम खुल सका। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान नेता चंद्रजीत सिंह यादव सारेठा, समाजसेवी गोविंद नागर गणेशपुरा सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।