कलेक्टर से मिलना आसान, पर गुना नपा अधिकारियों से मिलना टेढ़ी खीर

नागरिकों ने सौंपा अल्टीमेटम; समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 15 दिन बाद होगा उग्र आंदोलन

कलेक्टर से मिलना आसान, पर गुना नपा अधिकारियों से मिलना टेढ़ी खीर
नगरपालिका के बाहर प्रदर्शन करते हुए नागरिक।

गुना। दयालवाणी

शहर में व्याप्त लचर व्यवस्थाओं और जनसमस्याओं को लेकर जनता का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों ने एकजुट होकर नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता और उपाध्यक्ष धरम सोनी को एक तीखा ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रशासनिक अमले और विशेषकर नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यशैली पर जमकर भड़ास निकाली गई। नागरिकों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर शहर की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो जनता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।

कलेक्टर से मिल लो, पर नपा अधिकारियों से मिलना नामुमकिन

ज्ञापन सौंपने पहुंचे नागरिकों और समाजसेवियों ने नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष जताया। लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि गुना के जिला मुखिया यानी कलेक्टर से मिलना फिर भी आसान है, लेकिन नगरपालिका के अधिकारियों से मुलाकात करना किसी टेढ़ी खीर से कम नहीं है। अधिकारी आम जनता की समस्याएं सुनने को ही तैयार नहीं रहते। स्थिति इतनी असहज हो गई कि नागरिकों ने नपा उपाध्यक्ष धरम सोनी से दो टूक कह दिया कि यदि वे जनता की समस्याओं का समाधान नहीं करवा पा रहे हैं, तो वे भी इस व्यवस्था के खिलाफ होने वाले आंदोलन में जनता के साथ शामिल हो जाएं, ताकि मिलकर प्रशासनिक तानाशाही को झुकाया जा सके। हालांकि, इस मौके पर मौजूद रहे उपाध्यक्ष धरम सोनी ने समस्याओं के जल्द से जल्द और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराने का आश्वासन जरूर दिया।

आवारा मवेशियों के आतंक से मुक्ति के लिए दिया अनूठा सुझाव

बैठक और ज्ञापन के दौरान शहर में घूम रहे आवारा मवेशियों का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। आवारा पशुओं की वजह से हो रही दुर्घटनाओं और आमजन की परेशानियों को देखते हुए नागरिकों ने एक बहुत ही व्यावहारिक सुझाव दिया। जनता ने मांग की कि शहरभर के सभी आवारा मवेशियों को पकड़कर सिंगवासा क्षेत्र में नागरिकों द्वारा स्वयं बनाए गए गऊ अभ्यारण्य में भेजा जाए, ताकि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।

मुक्तिधामों में पसरे अंधेरे पर फूटा गुस्सा

शहर के मुक्तिधामों की दयनीय स्थिति को लेकर भी नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने बताया कि गुना के मुक्तिधामों में बिजली और प्रकाश की उचित व्यवस्था न होने के कारण रात या शाम के समय अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों के दौरान भारी अंधेरे का सामना करना पड़ता है। अंधेरे के बीच अंतिम संस्कार करने की इन दर्दनाक विवशताओं को लेकर नागरिकों ने प्रशासन के प्रति तीव्र आक्रोश व्यक्त किया और तत्काल मुक्ताधामों में रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर के तमाम जागरूक नागरिक, समाजसेवी और कुछ स्थानीय पार्षद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में शहर के विकास और जनहित के मुद्दों पर अपनी एकजुटता दिखाई।