बालाजी हॉस्पिटल में तोड़फोड़ और हंगामे पर गरमाया मामला
डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई न होने पर संस्थान बंद रखने की दी चेतावनी
गुना।दयालवाणी
शहर के बालाजी हॉस्पिटल में रविवार को हुए भारी हंगामे और तोड़फोड़ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को अस्पताल प्रबंधन ने शहर कोतवाली में लिखित शिकायती आवेदन देकर आरोप लगाया है कि मृत अवस्था में लाई गई एक महिला के परिजनों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की, जिससे 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
बता दें कि यह विवाद रविवार को उस समय शुरू हुआ जब भादौर निवासी राजकुमार ओझा के परिजनों ने आरोप लगाया कि बालाजी हॉस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही के कारण महिला राजकुमारी की मौत हुई है। लापरवाही का दावा करते हुए परिजनों ने न केवल अस्पताल परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की, बल्कि जज्जी बस स्टैंड रोड पर चक्काजाम कर आवागमन भी ठप कर दिया था। दूसरी ओर, बालाजी हॉस्पिटल प्रबंधन ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रबंधन का तर्क है कि महिला को गंभीर एनीमिया की शिकायत के चलते 18 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उपचार के बाद 21 सितंबर को ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। इसके कई दिन बाद, 27 सितंबर को परिजन उसे मृत अवस्था में सीधे अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जबकि जीवित मरीज के रूप में भर्ती करने का उनका दावा पूरी तरह निराधार है। इस घटना के विरोध में बालाजी हॉस्पिटल प्रबंधन के साथ-साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में डॉक्टर भी कोतवाली पहुंचे। डॉक्टरों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि उपद्रवियों के खिलाफ डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने संस्थान बंद रखकर कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे।