लोन दिलाने के बहाने महिलाओं की KYC से खेल, हमीरपुर में सिम फार्मिंग गिरोह का खुलासा
KYC के नाम पर बिना जानकारी एक्टिवेट कराते थे सिम, हरियाणा समेत दूसरे राज्यों के साइबर अपराधियों को बेचने का आरोप; 400-500 सिम एक्टिवेट कराने की बात सामने आई
हमीरपुर।दयालवाणी | पुष्पेंद्रसिंह
लोन दिलाने और KYC अपडेट कराने के बहाने महिलाओं की व्यक्तिगत जानकारी का कथित दुरुपयोग कर उनके नाम पर सिम कार्ड एक्टिवेट कराने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में राहुल यादव निवासी ग्राम ददरी, थाना राठ को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 37 सिम कार्ड, दो मोबाइल फोन और 600 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 21 और 25 अगस्त 2026 को मिली शिकायतों के आधार पर साइबर क्राइम थाने में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे के लिए टीमें गठित की गई थीं।
पूछताछ में सामने आया गिरोह का तरीका
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य फर्जी या कूटरचित ई-KYC के जरिए अलग-अलग लोगों के नाम पर सिम एक्टिवेट कराते थे। आरोप है कि समूहों में लोन लेने वाली महिलाओं को KYC अपडेट कराने के नाम पर उनकी जानकारी के बिना उनके नाम से सिम जारी किए जाते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के नाम पर POS आईडी बनाकर बड़ी संख्या में सिम एक्टिवेट किए गए। इस मामले में विक्रान्त सिंह, दीपक कुमार और संजय साहू की भूमिका भी सामने आई है।
दूसरे राज्यों के साइबर अपराधियों को देते थे सिम
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में राहुल यादव ने करीब 400 से 500 सिम कार्ड एक्टिवेट कराने की बात बताई है। आरोप है कि एक्टिवेट किए गए सिम हरियाणा सहित अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए जाते थे।
प्रारंभिक जांच में कुछ सिम कार्ड के साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब सिम कार्ड के उपयोग, उनसे जुड़े लोगों और साइबर अपराधों में उनकी भूमिका की तकनीकी जांच कर रही है।
कई आरोपी पहले से जेल में
पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़े विक्रान्त सिंह और दीपक कुमार, जबकि सुमेरपुर थाने के एक संबंधित मामले में संजय साहू पहले से जिला कारागार हमीरपुर में न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
गिरफ्तार राहुल यादव के खिलाफ BNS, टेलीकॉम एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई में साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार, निरीक्षक भरत कुमार, SOG प्रभारी उपनिरीक्षक सचिन शर्मा, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक कृष्णदेव त्रिपाठी, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक अजीत सिंह सहित साइबर क्राइम, साइबर सेल और SOG की टीम शामिल रही।