भारी वाहनों के बोझ और झूलते बिजली तारों से सहमा राघौगढ़
साडा सड़क जर्जर, हादसों को खुला न्योता
राघौगढ़(गुना )। दयालवाणी
शहर के व्यस्त बस स्टैंड और रिहाइशी इलाकों के बीच से रोजाना गुजरते भारी वाहनों ने आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। साडा सड़क मार्ग पर बने गहरे गड्ढों, किनारे गड़े खंभों और सिर के ठीक ऊपर झूलती हाईटेंशन लाइनों के बीच से गुजरते टैंकर और कंटेनर किसी बड़े हादसे की आहट दे रहे हैं। दो महीने से इस बदहाली का दंश झेल रहे शहरवासी अब सीधे नगरपालिका प्रशासन और सभी 24 वार्डों के प्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर राघौगढ़ की आवागमन व्यवस्था में सुधार कब होगा?
सागर, कटनी, भिलाई और जबलपुर जैसे महानगरों की ओर जाने वाले भारी वाहन स्टेट हाईवे का टोल टैक्स बचाने के फेर में राघौगढ़ शहर के अंदर से होकर गुजर रहे हैं। बस स्टैंड तिराहे से लेकर मुख्य सड़क तक पसरे अतिक्रमण और भारी वाहनों के अनियंत्रित दबाव ने ट्रैफिक व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। हालत यह है कि बरबटपुरा आबादी वाले क्षेत्र से गुजरते समय भारी वाहनों के चालक लाठी-लकड़ियों के सहारे ऊपर से गुजर रही केबल और हाईटेंशन लाइनों को उठाकर निकलने पर मजबूर हैं। जरा सी लापरवाही किसी भी वक्त बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।
पेयजल पाइपलाइन फूटी, दोपहिया वाहन चालक हो रहे दुर्घटनाग्रस्त
क्षमता से अधिक भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण साडा सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह हुए गहरे गड्ढों की वजह से आए दिन बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। भारी लोड के कारण जमीन के नीचे बिछी मुख्य पेयजल पाइपलाइन भी फूट चुकी है, जिससे एक तरफ पानी व्यर्थ बह रहा है तो दूसरी तरफ सड़क का कटाव बढ़ता जा रहा है।
नो-एंट्री और रूट डायवर्जन की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के भीतर की मूलभूत समस्याओं को दूर करने में नगरपालिका पूरी तरह विफल साबित हो रही है। यदि प्रशासन चाहे तो भारी वाहनों को साडा सड़क मार्ग पर प्रतिबंधित कर सीधे बायपास व स्टेट हाईवे से बाहर-बाहर निकाला जा सकता है। क्षेत्रीय निवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और सड़क सुधार कार्य कराने की मांग की है।