गुड टच-बैड टच से साइबर सुरक्षा तक, विद्यार्थियों को बताए बाल सुरक्षा के कानूनी अधिकार

GIC हमीरपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, POCSO अधिनियम के प्रावधानों और शिकायत के माध्यमों की दी जानकारी

गुड टच-बैड टच से साइबर सुरक्षा तक, विद्यार्थियों को बताए बाल सुरक्षा के कानूनी अधिकार

हमीरपुर।दयालवाणी |पुष्पेंद्र सिंह

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जनपद में 25 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे विशेष विधिक जागरूकता अभियान के तहत राजकीय इंटर कॉलेज, हमीरपुर में छात्र-छात्राओं के लिए POCSO अधिनियम, 2012 को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोज कुमार राय के मार्गदर्शन तथा सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वंदना अग्रवाल के निर्देशन में किया गया।

कार्यक्रम में सिविल जज (जूनियर डिवीजन), क्राइम अगेंस्ट वूमेन अंकित पाल ने विद्यार्थियों को POCSO अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कानून के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त है और बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों से निपटने के लिए POCSO अधिनियम में विशेष कानूनी प्रावधान किए गए हैं।

गुड टच-बैड टच की दी जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया गया। उन्हें अपनी व्यक्तिगत सीमाओं के प्रति सजग रहने और किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप न रहने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यार्थियों को बताया गया कि ऐसी किसी घटना की जानकारी तत्काल माता-पिता, अभिभावक या शिक्षक को देनी चाहिए। सहायता के लिए 1098 और 112 जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की अपील

कार्यक्रम में बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर संपर्क और ऑनलाइन दोस्ती करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई। साथ ही निजी फोटो, वीडियो या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने के लिए भी सचेत किया गया।

विद्यार्थियों ने पूछे सवाल

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने POCSO अधिनियम और बाल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। न्यायाधीश अंकित पाल ने विद्यार्थियों के सवालों का सरल और व्यावहारिक तरीके से जवाब देते हुए उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि किसी भी असहज या अनुचित घटना को छिपाने के बजाय विश्वसनीय अभिभावक, शिक्षक अथवा संबंधित सहायता तंत्र को इसकी जानकारी देना जरूरी है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार गौतम ने न्यायाधीश अंकित पाल का बुके भेंट कर स्वागत किया।

इस अवसर पर महिला कल्याण एवं बाल विभाग से तबस्सुम, पीएलवी गणेश सिंह, पीएलवी पवन कुमार, कॉलेज के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।