घरों के बाहर लगाए बैनर: सड़क नहीं तो वोट नहीं
बदहाली के आंसू रो रही सरस्वती विहार कॉलोनी
गुना। दयालवाणी
शहर के बीचोंबीच वार्ड क्रमांक 18 स्थित सरस्वती विहार कॉलोनी इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बदहाली के आंसू रोने को मजबूर है। लगभग 3 दशक पुरानी इस कॉलोनी में सड़क, नाली और बिजली के खंभे जैसी मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण रहवासियों में भारी आक्रोश है। व्यवस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से तंग आकर अब कॉलोनीवासियों ने अनोखा विरोध दर्ज कराते हुए अपने घरों के बाहर सड़क नहीं तो वोट नहीं के पोस्टर और बैनर लटका दिए हैं।
55 बीघा से अधिक क्षेत्रफल में फैली इस कॉलोनी में सबसे बुरा हाल बारिश के मौसम में होता है। लाल मुरम की कच्ची सड़क पूरी तरह दलदल में बदल चुकी है, जहां जगह-जगह पानी से भरे बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। स्थिति इतनी दयनीय है कि स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे अक्सर इन फिसलन भरे रास्तों में गिरकर चोटिल होते रहते हैं। कॉलोनी से भारी डंपरों का आवागमन होने के कारण रास्ता और भी अधिक क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा, कॉलोनी में न तो बच्चों के खेलने के लिए पार्क है और न ही सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम हैं।
कॉलोनाइजर पर गंभीर आरोप और नेताओं की उदासीनता
रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनाइजर महावीर जैन और राजू जैन टोंग्या द्वारा भूखंड बेचते समय ऊंचे दाम और तमाम लुभावने वादे किए गए थे, लेकिन विकास कार्य के नाम पर आज तक कुछ नहीं कराया गया। यह पूरी कॉलोनी वार्ड क्रमांक 16 और वार्ड क्रमांक 18 के अंतर्गत आती है। वार्ड 16 के पार्षद दिनेश शर्मा चुक्की और वार्ड 18 के पार्षद कैलाश धाकड़, दोनों ही सत्तारूढ़ दल (बीजेपी) से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनी के विकास में किसी भी जनप्रतिनिधि ने रुचि नहीं दिखाई है। समस्याओं से त्रस्त होकर जब स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते-लगाते थक गए, तब उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था और नेताओं को आईना दिखाने के लिए बैनर-पोस्टर के जरिए तीखा विरोध जताना शुरू कर दिया है। इन पोस्टरों में स्थानीय पार्षद से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक से सड़क, बिजली और नाली की गुहार लगाई गई है। कॉलोनी के रहवासी धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि सड़क न होने के कारण घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भविष्य के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है यह सड़क
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इस कॉलोनी में पक्की सड़क और अन्य बुनियादी विकास कार्य करा दिए जाएं, तो भविष्य में यहां से बाईपास मार्ग निकलने की प्रबल संभावना बन जाएगी। इससे शहर के इस हिस्से का यातायात सुगम होने के साथ-साथ मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए एक नया और बेहतर विकल्प भी तैयार हो सकता है।