नारायणपुर शक्कर कारखाने को चालू कराने किसानों ने किया आंदोलन
गुना। दयालवाणी
बंद पड़े नारायणपुरा शक्कर कारखाने को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर किसानों का संघर्ष तेज हो गया है। स्थानीय कारखाना परिसर में 'शक्कर कारखाना चालू करो संघर्ष समिति' के बैनर तले आसपास के 30-35 गांवों के किसान प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिछले 8 वर्षों से बंद इस कारखाने को अविलंब चालू कराने की पुरजोर मांग उठाई गई।
समिति के संयोजक राधेश्याम चंदेल ने कहा कि कारखाना बंद होने से किसानों की आय के साधन खत्म हो रहे हैं और फसलें बर्बाद होने से वे कर्ज में डूब रहे हैं। पहले जब कारखाना चालू था, तब किसानों की आर्थिक स्थिति सुधर रही थी और हजारों लोगों को रोजगार मिलता था। गन्ने की फसल पर प्राकृतिक आपदाओं का असर भी कम होता है। आगामी रणनीति के तहत किसानों ने निर्णय लिया है कि 10 सितंबर को जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा और ज्ञापन सौंपा जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।