पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व: मंदिरों में गूंजे जैन धर्म के जयकारे
चौथे दिन मनाया गया 'उत्तम शौच' धर्म
गुना।दयालवाणी
दिगंबर जैन समाज द्वारा पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व पूरी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन पर्व पर बच्चों से लेकर बड़े और बुजुर्ग तक व्रत और उपवास रखकर त्याग, तपस्या और संयम का जीवन जी रहे हैं। पर्यूषण पर्व के चौथे दिन शनिवार को 'उत्तम शौच' (जीवन में शुचिता) का दिवस मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों में प्रात: श्रीजी का अभिषेक और शांतिधारा के उपरांत दशलक्षण पूजन व विशेष विधान के आयोजन किए गए। वहीं, संध्या के समय श्रीजी की आरती के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है।
पर्व के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय सुभाष कॉलोनी में गत रात्रि 'कौन बनेगा ज्ञानवान' प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसे सफल बनाने में अंजलि जैन, सुरभि जैन, निकिता जैन, रुचि जैन और शुभम जैन ने विशेष सहयोग दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की इस कड़ी में त्रिमूर्ति कॉलोनी स्थित चंद्रप्रभु जिनालय में अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, वहीं शांतिनाथ दिगंबर जैन बाजार मंदिर पर दिगंबर जैन सोशल ग्रुप वर्धमान के तत्वावधान में भव्य भक्ति संध्या सजाई गई। इसके अलावा मुनिसुब्रतनाथ जिनालय पर नित्य नियमों के तहत प्रात: अभिषेक और शांतिधारा के बाद श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन चल रहा है। आगामी 25 सितंबर को इसी मंदिर पर श्री शांतिनाथ विधान का आयोजन किया जाएगा।
पांच कल्याणकों पर आधारित नाटिका प्रस्तुत करेंगी 5 टीमें
रचनात्मक आयोजनों की श्रृंखला में रविवार, 20 सितंबर को रात्रि 8:30 बजे से सर्वोदय महिला मंडल द्वारा एक भव्य एवं अनोखी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम भगवान मुनिसुब्रतनाथ की दिव्य यात्रा और 'गर्भ से मोक्ष तक' विषय पर आधारित होगा। प्रतियोगिता का प्रारूप बेहद खास और प्रेरणादायी रखा गया है, जिसमें कुल 5 टीमें भाग लेंगी और प्रत्येक टीम में 4 से 6 सदस्य व एक टीम कैप्टन अनिवार्य होगा। ये सभी टीमें भगवान मुनिसुब्रतनाथ के जीवन के पांच प्रमुख कल्याणकों—गर्भ कल्याणक, जन्म कल्याणक, तप कल्याणक, केवलज्ञान कल्याणक और मोक्ष कल्याणक—पर आधारित नाटिका, संवाद और अभिनय के जरिए 5-5 मिनट की समयावधि में अपनी प्रस्तुतियां देंगी। इस आकर्षक धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन की संयोजिका रिया जैन, सरिता जैन, नीतू जैन एवं निकिता जैन हैं, जबकि कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक तरुण कुमार जैन, रिया जैन और सोनाली केबल्स हैं। पर्यूषण पर्व के इन आयोजनों से संपूर्ण जैन समाज में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना हुआ है।