यूपीआई पर एमडीआर के विरोध में उतरे गुना के व्यापारी
कैट के बैनर तले आयोजित बैठक में डिजिटल इंडिया की राह में रोड़ा बनने का लगाया आरोप
गुना। दयालवाणी
कन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के बैनर तले एक वृहद बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा यूपीआई पर प्रस्तावित एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को लेकर चिंता जाहिर की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार द्वारा अधिरोपित नई कर व्यवस्था और मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के रूप में लगने वाले अतिरिक्त अधिभार से प्रतिस्पर्धा के इस दौर में व्यापारियों की जेब पर अतिरिक्त कर का बोझ पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई व्यापारियों का मुनाफा मात्र एक से दो प्रतिशत तक ही सीमित है, ऐसे में यह अतिरिक्त भार उनके लिए व्यापार चलाना बेहद कठिन कर देगा। साथ ही, यह अप्रत्याशित कदम सरकार के 'डिजिटल इंडिया' मिशन की राह में भी बड़ा रोड़ा बनेगा। व्यापारियों ने एक स्वर में मांग की है कि सरकार इस एमडीआर रूपी अधिभार पर पुनर्विचार कर इसे तुरंत वापस ले। बैठक में निर्णय लिया गया कि व्यापारी किसी भी प्रकार का दुष्प्रचार या विरोध कर आम जनता को दिग्भ्रमित नहीं करेंगे, बल्कि अपनी बात सीधे क्षेत्रीय सांसद के माध्यम से तथा कैट के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के जरिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री तक पहुंचाएंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी एसोसिएशन प्रमुखों ने एमडीआर को वापस लिए जाने संबंधी मांग पत्र सौंपे।
इन संगठनों के पदाधिकारी रहे शामिल
व्यापार एवं उद्योग महासंघ, चैंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, जिला केमिस्ट एसोसिएशन, आॅटोमोबाइल एसोसिएशन, क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन, सराफा एसोसिएशन, किराना एसोसिएशन, जिला उद्योग संघ, मैरिज गार्डन एसोसिएशन, वितरक संघ, गल्ला व्यापारी संघ, बिल्डिंग मटेरियल एसोसिएशन, टाइल मार्वल एसोसिएशन, पेट्रोल पंप एसोसिएशन, बर्तन व्यापारी संघ, फुटवेयर एसोसिएशन, विजयवर्गीय कॉम्प्लेक्स एसोसिएशन, बीजी रोड व्यापारी संघ, मोबाइल विक्रेता संघ, कृषि आदान संघ, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी संघ, टेंट लाइट व्यापारी संघ, बोहरा कॉम्प्लेक्स एसोसिएशन, फूड प्रोडक्शन एसोसिएशन और पुस्तक व्यापारी संघ के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।