परियोजना एक, प्रभावितों को मुआवजा अलग-अलग
सुठालिया सिंचाई परियोजना के मुआवजे में विसंगति को लेकर राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह और पूर्व विधायक ममता मीणा ने कलेक्ट्रेट में की चर्चा
गुना। दयालवाणी
सुठालिया सिंचाई परियोजना की जद में आई सैकड़ों बीघा जमीन का मुआवजा अब तक किसानों को न मिलने और परियोजना से जुड़ी विसंगतियों को लेकर शुक्रवार को जनप्रतिनिधि मुखर नजर आए। राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह और चांचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीणा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहाँ उन्होंने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से मुलाकात की।
जयवर्धन सिंह ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर देते हुए कलेक्टर के साथ सभागार में सबके सामने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की और किसानों की मांगें प्रमुखता से रखीं। उन्होंने विशेष रूप से उन किसानों का मुद्दा उठाया जो इस परियोजना के कारण पूरी तरह विस्थापित हो रहे हैं और जिनके पास अब अपनी कोई जमीन नहीं बची है। इसके अलावा, विस्थापित होने वाले गांवों की ऐतिहासिक पहचान और अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए परियोजना के अलग-अलग हिस्सों को संबंधित गांवों के नाम पर पहचाने जाने का प्रस्ताव भी रखा गया। चर्चा के दौरान मुख्य रूप से मुआवजा वितरण में आ रही विसंगतियों पर आवाज उठाई गई। जयवर्धन सिंह ने मौके पर दस्तावेज दिखाते हुए आपत्ति जताई कि इस परियोजना में भारी असमानता बरती जा रही है, जहाँ गुना और राजगढ़ क्षेत्र के गांवों को कम मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि अन्य क्षेत्रों में ज्यादा मुआवजा मिल रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब एक ही योजना से प्रभावित किसानों को अलग-अलग मापदंड आधारित मुआवजा बांटा गया हो। उन्होंने मांग की कि सभी प्रभावित किसानों को एक समान रूप से चार गुना मुआवजा दिया जाए तथा परिवार आईडी और विस्थापन का पूरा लाभ सुनिश्चित किया जाए।