बागेरी खाद गोदाम में स्टॉक को लेकर बड़ा विवाद, कागजों और मौके के आंकड़ों में 400 कट्टे का अंतर

किसान कांग्रेस ने औचक निरीक्षण में 2000 कट्टा डीएपी और 26 हजार कट्टा यूरिया होने का दावा किया, पोर्टल पर स्टॉक अपडेट नहीं होने पर उठे सवाल; डीएमओ को सुबह 10 बजे तक डेटा अपलोड करने का अल्टीमेटम

बागेरी खाद गोदाम में स्टॉक को लेकर बड़ा विवाद, कागजों और मौके के आंकड़ों में 400 कट्टे का अंतर
डबल लॉक वितरण केंद्र पर स्टॉक गड़बड़ मिलने पर नाराज होते किसान कांग्रेस अध्यक्ष।

गुना।दयालवाणी

जिले में खाद वितरण व्यवस्था और प्रशासनिक सुस्ती की पोल खोल देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के बागेरी स्थित डबल लॉक खाद गोदाम पर किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने किसानों के दल के साथ अचानक पहुंचकर औचक निरीक्षण किया, जिससे गोदाम प्रबंधन में हड़कंप मच गया। इस दौरान मौके पर जो सच सामने आया, उसने अधिकारियों के दावों की हवा निकाल दी।

गोदाम की भौतिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए, जहां कागजी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में भारी अंतर पाया गया। गोदाम में वास्तविक रूप से 2000 कट्टा डीएपी और 26 हजार कट्टा यूरिया का विशाल स्टॉक मौजूद मिला, लेकिन हैरान करने वाली बात यह थी कि गोदाम प्रबंधन द्वारा एक भी बैग आॅनलाइन पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया था। निरीक्षण के दौरान जब किसान नेताओं ने कागजी दस्तावेजों की पड़ताल की, तो गोदाम अधिकारियों ने डीएपी का स्टॉक महज 1618 कट्टा दशार्या था। परंतु, जब किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कार्यकतार्ओं की मौजूदगी में स्वयं एक-एक कट्टे की गिनती की, तो वास्तविक स्टॉक 2000 कट्टा निकला। कागजों और हकीकत में सीधे तौर पर 400 कट्टों की यह भारी गड़बड़ी देख किसान भड़क उठे। उन्होंने प्रबंधन पर जमकर मनमानी और कालाबाजारी की आशंका के गंभीर आरोप लगाए। मौके पर मौजूद किसान नेताओं ने तीखा सवाल उठाया कि जब गोदाम में खाद प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, तो उसे आॅनलाइन पोर्टल पर अपलोड क्यों नहीं किया जा रहा है? इसके पीछे कौन सा बड़ा खेल चल रहा है? स्थिति यह थी कि जहां एक ओर स्थानीय किसानों को खाद के लिए गुना तक के चक्कर काटने पड़ रहे थे, वहीं गोदाम के भीतर हजारों बोरियां बिना पोर्टल पर चढ़े डंप थीं।

पुराने ब्रांड का खाद और नए लॉट की हेराफेरी के लगे गंभीर आरोप

हंगामे के दौरान यह भी गंभीर आरोप लगाया गया कि गोदाम में पुराने ब्रांड का खाद रखा हुआ है, जबकि नए लॉट वाला खाद गायब है। किसान नेताओं ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि खाद के एक-एक कट्टे का हिसाब लिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो किसानों के घर-घर जाकर इसकी जांच की जाएगी। इस औचक निरीक्षण के समय बमौरी ब्लॉक अध्यक्ष तिलविंदर सिंह और पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष नंदराज मीना भी विशेष रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने किसानों के हक की आवाज को मजबूती से उठाया।

जिला विपणन अधिकारी को सुबह तक डेटा अपलोड करने का अल्टीमेटम

मामले की गंभीरता को भांपते हुए किसान कांग्रेस अध्यक्ष ने मौके से ही जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) को फोन पर स्थिति से अवगत कराया और भारी नाराजगी जताई। उन्होंने दोटूक चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर पोर्टल पर सही और वास्तविक डेटा अपलोड नहीं किया गया, तो किसानों को मजबूरन गोदाम के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला जिले के हजारों किसानों के भविष्य और उनकी फसलों से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बढ़ते दबाव के बाद जिला विपणन अधिकारी ने किसान नेताओं को आश्वस्त किया कि अगले दिन सुबह 10 बजे तक शेष 2000 कट्टा डीएपी का स्टॉक अनिवार्य रूप से आॅनलाइन पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा।

प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी, कालाबाजारी पर रोक की मांग

किसान कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा इस पूरी अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई और डीएमओ के आश्वासन पर तय समय के भीतर अमल सुनिश्चित नहीं हुआ, तो एक बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि जब तक खाद वितरण प्रणाली पारदर्शी नहीं होगी और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक नहीं लगेगी, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा ताकि अन्नदाताओं को असुविधा का सामना न करना पड़े।