गुना में दिग्विजय सिंह का विश्व हिंदू परिषद पर बड़ा आरोप

राम मंदिर शिला पूजन के दौरान 1400 करोड़ का चंदा आया, 8.29 करोड़ ही उजागर किए

गुना में दिग्विजय सिंह का विश्व हिंदू परिषद पर बड़ा आरोप
कांग्रेस भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते दिग्विजय सिंह

गुना। दयालवाणी

पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह अपने अल्पप्रवास के दौरान गुना स्थित राजीव गांधी कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से विस्तृत बातचीत की। संवाद के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन फूल छाप लोगों ने न तो देश की आजादी की लड़ाई लड़ी है और न ही इसमें उनका कोई योगदान रहा है।

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि 1988-89 में राम मंदिर शिला पूजन के दौरान लगभग 1400 करोड़ रुपये का चंदा एकत्र होने का अनुमान था, लेकिन विश्व हिंदू परिषद ने केवल 8.29 करोड़ रुपये का चंदा ही उजागर किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद वहां भाजपा सरकार ने विहिप के नुमाइंदों को बैठा दिया गया, जिन्होंने मंदिर की चढ़ोत्तरी तक में हेराफेरी की। जो संगठन जन-आस्था और चढ़ावे तक चोरी करे, उसका समर्थन नहीं किया जा सकता। इसी संदर्भ में उन्होंने घोषणा की कि वे महाकाल मंदिर से अयोध्या जी तक यात्रा करेंगे। बैठक की शुरूआत में उन्होंने शालीनता दिखाते हुए देरी से आने के लिए कार्यकतार्ओं से क्षमा मांगी। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी कमजोरी संगठन है, जिसे मजबूत करने के लिए जयवर्धन सिंह निरंतर प्रयासरत हैं। ब्लॉक और मंडल पंचायत समितियों का गठन हो चुका है, जिनकी घोषणा जल्द की जाएगी। उन्होंने आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव को बड़ी चुनौती बताते हुए कार्यकतार्ओं को बूथ स्तर पर सक्रिय होने का आह्वान किया। साथ ही, 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में वहां अध्ययनरत छात्रों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने की बात कही।

संगठन मजबूती और कार्यकर्ताओं के लिए 5-एस मंत्र

दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने के लिए 5 विशेष बिंदुओं का मंत्र दिया, जिनमें संपर्क, संवाद, समन्वय, सामंजस्य और सकारात्मक सोच शामिल हैं। उन्होंने अपने पुत्र और कांग्रेस जिलाध्यक्ष को जल्द से जल्द जिला कार्यकारिणी घोषित करने और नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य जनता की आवाज बनना और जनमत को अपने पक्ष में करना होना चाहिए। ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों को लोगों से जीवंत संपर्क बनाने तथा जनसुनवाई के दौरान कार्यकतार्ओं को आमजन की समस्याओं के आवेदन दर्ज कराकर उनका समाधान कराने का निर्देश दिया, ताकि प्रशासन पर अंकुश लगाया जा सके।

गुटबाजी से इनकार और आजादी में योगदान का जिक्र

दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है और सभी एकजुट होकर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और उमंग सिंगार के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस और सरदार पटेल जैसे महान नेताओं के त्याग व शहादत से आजाद हुआ है। उन्होंने कार्यकतार्ओं से युवाओं के बीच जाकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दों पर निडर होकर बात करने को कहा।

जनसमस्याओं और धर्म के नाम पर राजनीति पर घेरा

किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में किसान खाद और बिजली की किल्लत से जूझ रहे हैं। शिक्षा का हाल बेहाल है, सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं और शिक्षकों की नियमित नियुक्तियां न होकर अतिथि शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है। उन्होंने बूथ स्तर पर मतदाता सूची को सही कराने के लिए बीएलओ से संपर्क साधने पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद पर धर्म के नाम पर दखलअंदाजी करने और धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म 'विश्व का कल्याण' और 'प्राणियों में सद्भावना' सिखाता है, जबकि ये संगठन लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

डिप्टी सीएम शुक्ल का इस्तीफा मांगा

पत्रकार वार्ता में दिग्विजय सिंह ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के निर्वाचन क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लचर हालात का हवाला देते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की। इसके अलावा, देश और प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनकी 'सनातन यात्रा' दशहरा से प्रारंभ होगी।